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रूमेटाइड अर्थराइटिस (गठिया) क्यों होता है ? – डॉ. आशीष बाड़ीका

रूमेटाइड अर्थराइटिस (गठिया) क्यों होता है ? - डॉ. आशीष बाड़ीका

रूमेटाइड अर्थराइटिस (गठिया) रोग एक स्वप्रतिरक्षित अवस्था है, जिसका अर्थ है जब प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर के स्वस्थ ऊतकों पर हमला करता है, तो ये होता है। हालाँकि, यह अभी तक ज्ञात नहीं है कि ऐसा किस कारण से होता है।

सामान्यतया आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली बैक्टीरिया और वायरस पर हमला करके संक्रमण से लड़ने में सहायता करती है।
यदि आपको रूमेटाइड अर्थराइटिस (गठिया) रोग है, तो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली अंजाने में आपके जोड़ों की परत को नुक़सान पहुँचाने लगती है ।

इसके कारण जोड़ों को ढकने वाली कोशिकाओं की पतली परत (सिनोवियम) में जलन और सूजन होने लगती है, जिससे कुछ ऐसे तत्व जिनको साइटोकायंन कहते है उनका उत्पादन होता है ।

अन्य संभावित जोखिम वाले कारण

जिन चीजों की वजह से गठिया रोग का बढ़ना आपके लिये हानिकारक हो सकता है, उनमें शामिल हैं:

  • आपके जीन्स – कुछ सबूत हैं कि गठिया रोग खानदानी हो सकता है, हालाँकि इस अवस्था को वंशानुक्रम से पाने को कम आँका गया है क्यूँकि माना जाता है कि जीन्स इस अवस्था में छोटी भूमिका निभाते हैं।
  • हार्मोन – रूमेटाइड अर्थराइटिस (गठिया ) रोग पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक आम है, जो कि हार्मोन एस्ट्रोजन के प्रभाव के कारण हो सकता है, हालाँकि इस सम्बन्ध को साबित नहीं किया जा सका है।
  • धूम्रपान – कुछ प्रमाणों ने सुझाया है कि जो लोग धूम्रपान करते हैं, उनमें गठिया रोग के विकास का एक बड़ा जोखिम बना रहता है।

रूमेटाइड अर्थराइटिस (गठिया) को रोग की पहचान

रूमेटाइड अर्थराइटिस (गठिया) रोग का पता लगा पाना और निदान कठिन है क्यूँकि जोड़ों में अकड़न और जलन कई अन्य कारणों से हो सकती है और इस अवस्था के लिए कोई निश्चित परीक्षण उपलब्ध नहीं है।


यदि आपको ये लक्षण दिखाई दें तो आपको अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए ताकि वे कारण का पता लगा सकें।

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